ट्रंप का बड़ा दावा: पुतिन ने ईरान परमाणु मुद्दे और यूक्रेन युद्धविराम पर सहयोग की जताई इच्छा
पुतिन-ट्रंप बातचीत में ईरान परमाणु मुद्दा बना बड़ा विषय
- ट्रंप बोले, रूस यूक्रेन युद्धविराम में भूमिका निभा सकता है
- “ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे” : ट्रंप का ऐलान
- अमेरिका का दावा-ईरान की 80 फीसदी मिसाइल क्षमता खत्म
- क्या यूक्रेन युद्ध में अस्थायी युद्धविराम की घोषणा संभव है?
रूस, ईरान और अमेरिका के बीच नई कूटनीतिक हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने ईरान के परमाणु मुद्दे और यूक्रेन युद्धविराम पर सहयोग की इच्छा जताई है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार रखने नहीं देगा...नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2026.अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के साथ हुई बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप के अनुसार, पुतिन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूक्रेन युद्ध को लेकर सहयोग की इच्छा जताई है।
ट्रंप ने संवादाताओं के एक सवाल के जवाब में कहा कि पुतिन ने उनसे पूछा कि यदि वह ईरान में परमाणु संवर्धन (Nuclear Enrichment) के मुद्दे पर मदद कर सकते हैं, तो वह इसमें शामिल होना चाहेंगे। इस पर ट्रंप ने जवाब दिया कि वह चाहेंगे कि पुतिन पहले यूक्रेन में जारी युद्ध को समाप्त कराने में भूमिका निभाएं।
ट्रंप ने कहा, “मैंने उनसे कहा कि मैं चाहता हूं आप यूक्रेन में युद्ध खत्म करने में शामिल हों। वह भी नहीं चाहते कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो।”
यूक्रेन युद्ध में युद्धविराम की संभावना
ट्रंप के मुताबिक, पुतिन ने यूक्रेन में कुछ समय के लिए युद्धविराम (Ceasefire) का सुझाव भी दिया है। उन्होंने कहा कि संभव है पुतिन इस संबंध में जल्द कोई औपचारिक घोषणा करें।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय तनाव का केंद्र बना हुआ है और वैश्विक शक्तियां समाधान की तलाश में हैं।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि रूस इस मुद्दे पर मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।
ईरान पर अमेरिका का सख्त रुख बरकार
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप ने बेहद सख्त रुख दोहराया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “हम ईरान को परमाणु हथियार रखने नहीं देंगे।”
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य और मिसाइल क्षमता काफी हद तक कमजोर हो चुकी है। उनके अनुसार, ईरान के पास अब बहुत कम मिसाइलें बची हैं और मिसाइल निर्माण की सुविधाएं भी सीमित रह गई हैं।
उन्होंने कहा,
“हमने उनकी लगभग 80 प्रतिशत क्षमताओं को खत्म कर दिया है। अगर कोई समझौता नहीं होता, तो बाकी सुविधाओं को भी बहुत जल्दी हटाया जा सकता है।”
कूटनीतिक दबाव और शक्ति संतुलन
ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी भी प्रकार की नरमी के पक्ष में नहीं है। वहीं, रूस की संभावित भूमिका इस पूरे समीकरण को और जटिल बना सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि पुतिन वास्तव में यूक्रेन युद्धविराम और ईरान परमाणु मुद्दे दोनों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो यह वैश्विक शक्ति संतुलन में एक नया मोड़ साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
रूस, अमेरिका और ईरान के बीच यह नई कूटनीतिक हलचल आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय कर सकती है। ट्रंप का बयान न केवल यूक्रेन युद्ध बल्कि पश्चिम एशिया की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गहरा असर डाल सकता है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या पुतिन वास्तव में युद्धविराम की घोषणा करते हैं और क्या ईरान पर कोई नई अंतरराष्ट्रीय सहमति बन पाती है।

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