वैश्विक स्वास्थ्य संकट क्यों गहराता जा रहा है? WHO ने दी गंभीर चेतावनी

फंड की कमी से जूझ रहा है WHO, क्या दुनिया अगली महामारी के लिए तैयार है?

  • जब स्वास्थ्य बजट घटता है, तो कीमत कौन चुकाता है? WHO का वैश्विक अलार्म
  • अरबों लोग स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित: WHO की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता
  • धन कटौती, स्टाफ की कमी और महामारी का खतरा—वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव

‘यह आपका WHO है’—वैश्विक एकता की अपील के साथ गुटेरेस–टैड्रॉस की चेतावनी

WHO ने चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय फंडिंग में कटौती से वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली कमजोर हो रही है, जिससे महामारी और स्वास्थ्य असमानता का खतरा बढ़ा है
Why is the global health crisis deepening? The WHO has issued a serious warning.
Why is the global health crisis deepening? The WHO has issued a serious warning.


नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है, कि अंतर्राष्ट्रीय सहायता में कटौती और वित्तीय समर्थन की कमी के कारण वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली कमजोर हो रही है।

WHO के महानिदेशक डॉ. टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने बताया कि वित्तीय संकट के कारण कार्यबल में कमी आई है और 2025 को उन्होंने "सबसे कठिन वर्षों में से एक" बताया। 4.6 अरब लोग आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं और 2.1 अरब लोग स्वास्थ्य खर्चों से वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। अनिवार्य योगदान बढ़ाने से एक बड़े वित्तीय झटके से बचा जा सका, लेकिन आपात तैयारी जैसे क्षेत्रों में कमी बनी हुई है।

WHO के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस के अनुसार, वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली निम्नलिखित प्रमुख चुनौतियों का सामना कर रही है:

अंतर्राष्ट्रीय सहायता में कटौती और वित्तीय समर्थन की निरंतर कमी:

यह वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली को कमजोर कर रही है, जिससे WHO को अपने कार्यबल में कमी करनी पड़ी है और अनेक देशों में स्वास्थ्य प्रणालियों और सेवाओं के सामने चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं।

महामारी का खतरा:

महामारी का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

दवाओं के प्रति प्रतिरोधी संक्रमण:

दवाओं के प्रति प्रतिरोधी संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। विश्व भर में हर 6 में से 1 बैक्टीरियल संक्रमण अब एंटीबायोटिक्स के प्रति प्रतिरोधी हो गया है, और यह प्रवृत्ति कुछ क्षेत्रों में तेज़ी से बढ़ रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं का नाजुक होना:

स्वास्थ्य सेवाओं के नाजुक होने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

निम्न और मध्यम आय वाले देशों में स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने में संघर्ष :

वित्तीय संकट ने वैश्विक स्वास्थ्य संचालन में मौजूदा कमजोरियों को उजागर किया है, विशेष रूप से उन निम्न और मध्यम आय वाले देशों में, जो आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच का अभाव:

आज भी 4.6 अरब लोग आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच से वंचित हैं।

स्वास्थ्य खर्चों के कारण वित्तीय कठिनाइयाँ:

2.1 अरब लोग स्वास्थ्य पर होने वाले खर्चों के कारण वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

स्वास्थ्य कर्मियों की कमी:

2030 तक 1.1 करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों की कमी का अनुमान है, जिसमें से आधी से अधिक संख्या केवल नर्स की हैं।

आपात तैयारी, दवाओं के प्रति प्रतिरोध और जलवायु परिवर्तन के प्रति सुदृढ़ता में गंभीर कमी:

इन क्षेत्रों में गंभीर कमी बनी हुई है, जिससे ये प्राथमिकताएँ जोखिम में हैं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

अगले स्वास्थ्य संकट के लिए कम तैयारी:

यदि वित्तीय संसाधन पूर्वानुमानित और पर्याप्त नहीं रहे, तो दुनिया अगले स्वास्थ्य संकट के लिए कम तैयार हो सकती है।

WHO ने देशों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने और सहायता पर निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने में सहयोग देने के लिए तम्बाकू, शराब और शुगरयुक्त पेय पदार्थों पर स्वास्थ्य 'कर' बढ़ाने समेत घरेलू संसाधन जुटाने पर जोर दिया है।

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Amalendu Upadhyaya
वेबसाइट संचालक अमलेन्दु उपाध्याय 30 वर्ष से अधिक अनुभव वाले वरिष्ठ पत्रकार और जाने माने राजनैतिक विश्लेषक हैं। वह पर्यावरण, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, युवा, खेल, कानून, स्वास्थ्य, समसामयिकी, राजनीति इत्यादि पर लिखते रहे हैं।

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